ताल छापर राजस्थान में काले हिरण देखने की सबसे अच्छी जगहों में से एक है। यहाँ घुमावदार सींगों वाले ये ख़ूबसूरत हिरण खुले घास के मैदान में घूमते हैं। सर्दियों में यह शिकारी पक्षियों का भी बड़ा ठिकाना बन जाता है। सरदारशहर से यह आसान और यादगार एक दिन की यात्रा है।
- सरदारशहर से दूरी
- लगभग 89 किमी, कार से क़रीब 1½ से 2 घंटे
- रास्ता
- सरदारशहर → रतनगढ़ (SH-7, 48 किमी) → छापर
- स्थान
- चूरू ज़िला, रतनगढ़ और सुजानगढ़ के बीच, छापर क़स्बे के पास
- क्षेत्रफल
- लगभग 7.19 वर्ग किमी (719 हेक्टेयर), 1971 में अभयारण्य घोषित
- सबसे अच्छा समय
- नवंबर से फ़रवरी; प्रवासी पक्षी सितंबर से मार्च तक
- समय
- लगभग सुबह 5:30 से शाम 6:00 बजे बताया गया है; स्थानीय स्तर पर पुष्टि करें
- सरदारशहरशुरुआतजय महल यहाँ है
- रतनगढ़≈ 48 किमी
- ताल छापर≈ 89 किमी
क्या देखने को मिलेगा
अभयारण्य एक समतल, उथला खारा गड्ढा (ताल) है, जिस पर घास का मैदान है और कहीं-कहीं बबूल व प्रोसोपिस के पेड़ हैं, इसलिए यह लगभग सवाना जैसा दिखता है। काले हिरणों के झुंड मुख्य आकर्षण हैं, जिन्हें सुबह जल्दी और देर दोपहर की हल्की रोशनी में देखना सबसे आसान है।
सितंबर से मार्च तक प्रवासी शिकारी पक्षी आते हैं, जैसे इंपीरियल ईगल, टॉनी ईगल और शॉर्ट-टोड ईगल, और साथ में कुरजां (डेमोइसेल क्रेन), क्रीम-कलर्ड कोर्सर और छोटी हरी पतरंगा भी। लार्क और फ़ाख़्ता यहाँ साल भर रहते हैं।
एक दिन की आसान योजना
- भोर में सरदारशहर से निकलें और SH-7 पर दक्षिण में रतनगढ़, फिर छापर पहुँचें।
- सुबह का समय अभयारण्य में बिताएँ, जब वन्यजीव सबसे सक्रिय होते हैं। गाइड वाली जीप सफ़ारी से झुंड ढूँढने में मदद मिलती है।
- दोपहर का खाना छापर या रतनगढ़ में। श्रद्धालु लौटते समय सालासर बालाजी भी जा सकते हैं।
- शाम तक सरदारशहर लौटें, इच्छापूर्ण बालाजी के दर्शन या रूफ़टॉप पर सूर्यास्त के लिए।

वन्यजीव देखने के टिप्स
- दूरबीन और ज़ूम लेंस वाला कैमरा साथ रखें। जानवर दूरी बनाए रखते हैं।
- मिट्टी के रंग के कपड़े पहनें और आवाज़ धीमी रखें।
- तय रास्तों पर ही रहें और अभयारण्य के नियम मानें। जानवरों को कभी खाना न खिलाएँ, न उनका पीछा करें।
- सर्दियों में सुबह ठंडी होती है (दिसंबर-जनवरी में लगभग 6 °C), जैकेट साथ रखें।
- अप्रैल से जून तक सिर्फ़ भोर में जाएँ। गर्मियों की दोपहर में यहाँ तापमान 40 °C से ऊपर चला जाता है।
सरदारशहर को ठिकाना बनाएँ
ताल छापर, सालासर और शहर के अपने मंदिर-हवेलियाँ, सब लगभग दो घंटे के भीतर हैं, इसलिए सरदारशहर आरामदायक ठिकाना है।
दूरी, सफ़र का समय और मंदिर आदि के समय अनुमानित हैं और बदल सकते हैं। यात्रा से पहले जाँच लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सरदारशहर से ताल छापर कितनी दूर है?
रतनगढ़ होकर सड़क से लगभग 89 किमी, कार से क़रीब 1½ से 2 घंटे।
ताल छापर जाने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?
नवंबर से फ़रवरी सबसे आरामदायक है। प्रवासी शिकारी पक्षी और दूसरे पक्षी सितंबर से मार्च तक रहते हैं।
ताल छापर का समय और शुल्क क्या है?
समय लगभग सुबह 5:30 से शाम 6:00 बजे बताया गया है। मामूली प्रवेश शुल्क है और जीप सफ़ारी वैकल्पिक है। शुल्क बदलते रहते हैं, गेट या वन विभाग कार्यालय पर पुष्टि करें।
क्या ताल छापर के साथ सालासर बालाजी जा सकते हैं?
हाँ। दोनों सरदारशहर से रतनगढ़ होकर दक्षिण में हैं, इसलिए कई लोग सुबह अभयारण्य और लौटते समय सालासर में दर्शन करते हैं।
स्रोत



