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इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर और उसके पास से गुज़रता हाईवे, सरदारशहर

दर्शन और मंदिर

सालासर बालाजी से इच्छापूर्ण बालाजी: दो मंदिरों की दर्शन यात्रा

अपडेट: 3 मिनट में पढ़ेंRead in English

सालासर बालाजी राजस्थान के सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले हनुमान मंदिरों में से एक है। उसी हाईवे, SH-7, पर लगभग 73 किमी उत्तर में सरदारशहर का श्री इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर है। बहुत-से परिवार एक ही यात्रा में दोनों मंदिरों के दर्शन करते हैं। योजना ऐसे बनाएँ।

सालासर से सरदारशहर
लगभग 73 किमी, कार से क़रीब सवा घंटा
सड़क
रतनगढ़ होकर SH-7, पूरे रास्ते एक ही हाईवे
सालासर बालाजी
हर साल दो बड़े मेले, चैत्र (मार्च–अप्रैल) और आश्विन (सितंबर–अक्टूबर) में
इच्छापूर्ण बालाजी
आमतौर पर सुबह लगभग 6 से रात 9 बजे तक खुला; मंगलवार और शनिवार को सबसे ज़्यादा भीड़
सबसे अच्छा मौसम
अक्टूबर से मार्च, जब दिन सुहाने रहते हैं
त्योहार के दिनों में मंदिर का समय बदल सकता है, स्थानीय स्तर पर पुष्टि कर लें।
  1. सालासरशुरुआत
  2. रतनगढ़
  3. सरदारशहर≈ 73 किमीइच्छापूर्ण बालाजी
SH-7 पर सालासर से सरदारशहर — अनुमानित सड़क दूरी (किमी)।

सालासर बालाजी की कथा

स्थानीय कथा के अनुसार श्रावण महीने के एक मंगलवार को आसोटा गाँव में एक किसान का हल खेत में बालाजी की मूर्ति से टकराया। उसकी पत्नी खाने के लिए जो बाजरे का चूरमा लाई थी, उसका भोग लगाया गया, और सालासर में आज भी चूरमे का भोग लगता है। उसी रात मोहनदास नाम के एक भक्त को सपने में मूर्ति को सालासर लाने का आदेश मिला, जहाँ आज मंदिर है।

मंदिर में हर साल चैत्र और आश्विन में दो बड़े मेले लगते हैं। उन दिनों बहुत भीड़ होती है। उन हफ़्तों में यात्रा कर रहे हों तो कमरे पहले से बुक कर लें।

इच्छापूर्ण बालाजी, सरदारशहर

सरदारशहर का इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर नया है। इसे मालू परिवार ने बनवाया और इसका उद्घाटन 13 फ़रवरी 2005 को हुआ। यह दक्षिण भारतीय (द्रविड़) शैली में बना है, जो इस इलाक़े में कम देखने को मिलती है, और इसमें आशीर्वाद मुद्रा में बैठे हनुमान जी की विशाल प्रतिमा है। नाम का अर्थ है, मनोकामना पूरी करने वाले।

ऊपर से इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर का इलाक़ा और हाईवे
सरदारशहर के दक्षिणी छोर पर मंदिर परिसर और हाईवे।

दो दिन की आसान योजना

  1. पहला दिन, सुबह: सालासर बालाजी के दर्शन। मेले के दिनों में जल्दी पहुँचें।
  2. पहला दिन, दोपहर: SH-7 पर रतनगढ़ होकर उत्तर में सरदारशहर (लगभग सवा घंटा)। चेक-इन करें और सबसे गर्म घंटों में आराम करें।
  3. पहला दिन, शाम: इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर में शाम के दर्शन। मंदिर जय महल होटल एंड रिसॉर्ट से लगभग 400 मीटर दूर है।
  4. दूसरा दिन, सुबह: चाहें तो सुबह जल्दी फिर से दर्शन, फिर घर वापसी।

परिवारों के लिए टिप्स

  • मंगलवार, शनिवार और हनुमान जयंती पर दोनों मंदिरों में सबसे ज़्यादा भीड़ होती है।
  • अप्रैल से जून तक दर्शन सुबह जल्दी या सूरज ढलने के बाद रखें।
  • पानी साथ रखें और जूते-चप्पल मंदिर के बाहर जूता-स्टैंड पर रखें।
  • बड़े समूह में आ रहे हैं? होटल को पहले फ़ोन कर दें, ताकि पहुँचते ही कमरे और खाना तैयार मिलें।

दूरी, सफ़र का समय और मंदिर आदि के समय अनुमानित हैं और बदल सकते हैं। यात्रा से पहले जाँच लें।

यह भी देखें: इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर के पास होटल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सालासर बालाजी से इच्छापूर्ण बालाजी (सरदारशहर) कितनी दूर है?

रतनगढ़ होकर SH-7 पर लगभग 73 किमी, कार से क़रीब सवा घंटा।

क्या दोनों मंदिरों के दर्शन एक ही दिन में हो सकते हैं?

हाँ, दूरी कम है। फिर भी ज़्यादातर परिवार सरदारशहर में एक रात रुकना पसंद करते हैं, ताकि दर्शन में जल्दबाज़ी न हो, ख़ासकर गर्मियों में।

सालासर बालाजी के मेले कब लगते हैं?

हर साल दो बड़े मेले लगते हैं, चैत्र (मार्च–अप्रैल) और आश्विन (सितंबर–अक्टूबर) में। सटीक तारीख़ें हिंदू पंचांग के अनुसार तय होती हैं।

इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर के पास कहाँ ठहरें?

जय महल होटल एंड रिसॉर्ट मंदिर से लगभग 400 मीटर दूर, गंगानगर–जयपुर हाईवे पर है। यहाँ कमरे, AC रेस्टोरेंट और पार्किंग है। कॉल करें +91 78919 99993।

स्रोत

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