Skip to content
JAY MAHALHOTEL & RESORT
हाईवे के किनारे श्री इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर का हवाई दृश्य, सरदारशहर

दर्शन और मंदिर

इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर, सरदारशहर: दर्शन का समय, इतिहास और कैसे पहुँचें

अपडेट: 3 मिनट में पढ़ेंRead in English

श्री इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर सरदारशहर का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। यह भगवान हनुमान को समर्पित है, जिन्हें यहाँ बालाजी के रूप में पूजा जाता है। भक्तों का विश्वास है कि बालाजी के सामने सच्चे मन से माँगी गई मनोकामना पूरी होती है। इच्छापूर्ण का अर्थ यही है।

देवता
भगवान हनुमान (बालाजी), आशीर्वाद मुद्रा में बैठी विशाल प्रतिमा
अन्य प्रतिमाएँ
ऋद्धि-सिद्धि सहित श्री गणेश; श्री राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान
शैली
दक्षिण भारतीय (द्रविड़) वास्तुकला
स्थापना
मालू परिवार द्वारा; उद्घाटन 13 फ़रवरी 2005
दर्शन
आमतौर पर रोज़ सुबह लगभग 6:00 से रात 9:00 बजे तक
सबसे ज़्यादा भीड़
मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती; राम नवमी भी धूमधाम से मनाई जाती है
स्थान
रतनगढ़ रोड (SH-7), सरदारशहर का दक्षिणी छोर, ज़िला चूरू
त्योहार के दिनों में समय बदल सकता है, जाने से पहले स्थानीय स्तर पर पुष्टि कर लें।

इतिहास और वास्तुकला

मंदिर का निर्माण सरदारशहर के पुराने व्यापारी घरानों में से एक, मालू परिवार ने करवाया (शहर के रिकॉर्ड में सेठ मूलचंद मालू का नाम आता है), और इसका उद्घाटन 13 फ़रवरी 2005 को हुआ। शेखावाटी–थार के ज़्यादातर मंदिर उत्तर भारतीय शैली के हैं, पर इच्छापूर्ण बालाजी दक्षिण भारतीय द्रविड़ शैली में बना है, इसलिए रेगिस्तान में अलग से पहचाना जाता है। बाहरी दीवारों पर नक़्क़ाशी और मूर्तिकला है, और गर्भगृह में बालाजी शाही दरबार की तरह विराजमान हैं।

ऊपर से सरदारशहर का ग्रामीण इलाक़ा और मंदिर क्षेत्र
मंदिर शहर के दक्षिणी छोर पर, रतनगढ़ की ओर, हाईवे पर है।

दर्शन का समय और जाने का सही वक़्त

मंदिर आमतौर पर रोज़ सुबह लगभग 6 से रात 9 बजे तक खुला रहता है। शांति से दर्शन करने हों तो किसी आम दिन सुबह जाएँ। मंगलवार और शनिवार (बालाजी के विशेष दिन) और ख़ासकर हनुमान जयंती पर लंबी कतारें और उत्सव जैसी भीड़ रहती है।

यहाँ मौसम का ध्यान रखना ज़रूरी है। अप्रैल से जून तक चूरू क्षेत्र में दोपहर का तापमान अक्सर 40 °C से ऊपर जाता है, इसलिए दर्शन सुबह जल्दी या सूरज ढलने के बाद रखें। अक्टूबर से मार्च तक दिन में किसी भी समय जाना आरामदायक है।

कैसे पहुँचें

कहाँ सेअनुमानित सड़क दूरीअनुमानित समय
रतनगढ़48 किमी45–50 मिनट
चूरू55 किमीलगभग 1 घंटा
सालासर73 किमीलगभग सवा घंटा
बीकानेर130–136 किमी2–2½ घंटे
हनुमानगढ़145 किमी2¼–2¾ घंटे
श्रीगंगानगर205–210 किमी3–3½ घंटे
जयपुर245 किमी4–4½ घंटे
दिल्ली300 किमी5½–6½ घंटे
दूरियाँ सरदारशहर तक की और अनुमानित हैं। मंदिर शहर के रतनगढ़ वाले छोर पर है।

ट्रेन से नज़दीकी स्टेशन सरदारशहर (रतनगढ़ लाइन पर, लोकल ट्रेनें) है, और बड़े जंक्शन रतनगढ़ और चूरू हैं। नज़दीकी हवाई अड्डे बीकानेर (लगभग 150 किमी) और जयपुर (लगभग 267 किमी) हैं।

दर्शन के टिप्स

  • जूते-चप्पल जूता-स्टैंड पर रखें। मंदिर में पीने का पानी और प्रसाद की सुविधा है।
  • मर्यादित कपड़े पहनें और गर्भगृह में फ़ोन साइलेंट रखें।
  • त्योहार के दिनों में आसपास भीड़ रहती है, इसलिए गाड़ी थोड़ा पहले खड़ी करके पैदल जाएँ।
  • पास ही उसी हाईवे पर शांति पीठ है, जहाँ जैन आचार्य महाप्रज्ञ की समाधि है। यह शांत जगह दूसरा पड़ाव हो सकती है।

कहाँ ठहरें

जय महल होटल एंड रिसॉर्ट मंदिर से लगभग 400 मीटर दूर, गंगानगर–जयपुर हाईवे पर है। परिवार चेक-इन करके आराम कर सकते हैं, शाम के दर्शन के लिए पैदल जा सकते हैं, और अगली सुबह फिर दर्शन कर सकते हैं।

दूरी, सफ़र का समय और मंदिर आदि के समय अनुमानित हैं और बदल सकते हैं। यात्रा से पहले जाँच लें।

यह भी देखें: इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर के पास होटल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर में दर्शन का समय क्या है?

मंदिर आमतौर पर रोज़ सुबह लगभग 6:00 से रात 9:00 बजे तक खुला रहता है। त्योहार के दिनों में समय बदल सकता है, स्थानीय स्तर पर पुष्टि कर लें।

इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर किसने और कब बनवाया?

मंदिर सरदारशहर के मालू परिवार ने बनवाया और इसका उद्घाटन 13 फ़रवरी 2005 को हुआ।

इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर ठीक कहाँ है?

राजस्थान के चूरू ज़िले में सरदारशहर के दक्षिणी छोर पर, रतनगढ़ रोड (SH-7) पर। रतनगढ़ यहाँ से लगभग 48 किमी है।

क्या इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर के पास होटल है?

हाँ। जय महल होटल एंड रिसॉर्ट मंदिर से लगभग 400 मीटर दूर है, जहाँ कमरे, AC रेस्टोरेंट, रूफ़टॉप डाइनिंग और पार्किंग है। कॉल या WhatsApp करें +91 78919 99993।

स्रोत

और पढ़ें

जय महल होटल एंड रिसॉर्ट के कमरे में राजस्थानी मेहराबदार भित्तिचित्र

सरदारशहर घूमें

सरदारशहर में घूमने की जगहें: मंदिर, हवेलियाँ और आसपास की यात्राएँ

मंदिर, संगमरमर का घंटाघर, व्यापारियों की हवेलियाँ, चाँदी का काम और एक दिन की दो आसान यात्राएँ। एक दिन या वीकेंड की आसान सूची।

हरे खेतों और खेजड़ी के पेड़ों के बीच जय महल होटल एंड रिसॉर्ट

सरदारशहर घूमें

सरदारशहर घूमने का सबसे अच्छा समय: हर महीने का मौसम और क्या साथ ले जाएँ

अक्टूबर से मार्च सबसे सही समय है। IMD आँकड़ों से हर महीने का मौसम, हर सीज़न कैसा रहता है, त्योहार और सामान की सूची।